सवाई माधोपुर/बौंली चन्द्रशेखर बौली उपखंड क्षेत्रांतर्गत स्थित सिंचाई के प्रमुख जलस्रोतों शामिल ढील बांध की नहर के निर्माण कार्य में पनपे भ्रष्टाचार के चलते गुणवत्ता हीन व घटिया निर्माण सामग्री उपयोग की कमेटी बनाकर जांच करने एवं ठेकेदार का भुगतान रोकने की मांग को लेकर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री रामावतार मीणा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तहसीलदार बौली को जिला कलेक्टर सवाई माधोपुर के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम थडोली के पास सन 1911 में 3 लाख 9 हजार रूपए की लागत से ढील बांध का निर्माण किया गया था जो क्षेत्र का सामरिक व पर्यटन की दृष्टि से एवं किसानों को सिंचाई हेतु जल उपलब्ध करवाने का एक महत्वपूर्ण संसाधन है।
ढील बांध बौली और मलाना डूंगर तहसील के लगभग 35 गांव के किसानों को सिंचाई हेतु जल उपलब्ध करवाता है। यह क्षेत्र की जीवन रेखा है। क्षेत्र के किसानों का जीवन इसी पर आधारित है। कच्ची नहर में पानी की बर्बादी के कारण लंबे समय से किसान इसे पक्का निर्माण करने की आवश्यकता जता कर मांग करते आ रहे थे ।
विगत लगभग पिछले 2 साल पहले नितिक कंस्ट्रक्शन कंपनी गुजरात को इसका पक्का निर्माण करने का 21 करोड़ 61 लाख रुपए का टैण्डर हुआ। लेकिन ठेकेदार ने घटिया व गुणवत्ता हीन निर्माण कार्य कर क्षैत्र के किसानों के साथ धोखा किया है।
इस घटिया निर्माण के कारण नहर में जगह-जगह दरारें आ गई। कई स्थानों पर गड्ढे पड़ गए। सीमेंट व कंकरीट से निर्मित नहर की तराई भी ठेकेदार द्वारा नहीं की गई। नीचे की परत बहुत ही हल्की बनाई गई है। जिसमें घास जगह जगह घास फूस व झाड़ उग रहे हैं।
उच्चनिर्धारित मापदंडों को नजर अंदाज करते हुए ठेकेदार द्वारा घटिया कार्य किया गया है निर्माण में अनियमितताएं लीपापोती की गई है कई जगह पुलिया झुक गई है तथा कभी भी क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में है। बहुत ही घटिया स्तर के मसाले का इनके निर्माण में प्रयोग किया गया है। नहर की सफाई भी नहीं है ।नहर के दोनों और मिट्टी के ढेर लगे हैं जो बारिश में बह कर नहर में भर जाएंगे। जिन की सफाई नहर खुलने तक ठेकेदार द्वारा नहीं की जाएगी। नहर में से किसानों के खेतों में पानी निकासी के लिए बनाए गए माइनर नाले वह बहुत ही घटिया क्वालिटी केव सकड बनाए गए हैं किसानों के टेल तक पानी पहुंचने की दिक्कत खड़ी हो जाएगी।
नहर के किनारे पर मिट्टी गिट्टी बनी थी। किसानों के साधन खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है
निमोद नाले से लेकर बांध तक तथा बागडोली बालाजी मंदिर से गुडला चंदन पुलिया नंबर 9 तक नहर का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
नहर नहर में जगह-जगह दरारें आकर कांच की तरह बिखरी हुई है जिनको ठेकेदार द्वारा सीमेंट लगाकर ढकने का प्रयास किया गया लेकिन घटिया सामग्री निर्माण की बानगी लोगों को दूर से नजर आती है। ऐसा लगता है जैसे इसमें बहुत उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार कर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया है।कई बार किसानों द्वारा इसकी शिकायत भी जिला कलेक्टर तथा संबंधित अधिकारियों को की गई । लेकिन जिला प्रशासन, विभाग व ठेकेदार द्वारा किसानों की एक नहीं सुनी गई। ठेकेदार द्वारा इसी प्रकार घटिया निर्माण करने की धौंस और दिखाई गईं। तथा जहां चाहो शिकायत करने को कहा। इससे प्रतीत होता है कि ंवठे
केदारनाथ
ऊंची पहुंच वाला पावरफुल है जो किसी की परवाह नहीं करता और मनमर्जी से घटिया निर्माण कर रहा है। एक कमेटी बनाकर नहर निर्माण की जांच करने की प्रदेश मंत्री रामअवतार मीणा ने मांग की है। जिसमें 3 प्रतिनिधि किसानों के हों तथा क्वालिटी कंट्रोल में इस घटिया निर्माण की जांच करवाने की मांग की गई। तथा ठेकेदार का भुगतान नहीं करने की बात की गई। यदि उचित कार्यवाही नहीं की गई तो मी चल णा ने चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ यह पहली जंग होगी जो आरपार की लड़ाई होगी।
अवसर पर मुकेश कुमार गोयल , गोविंद नारायण भदोरिया भाजपा मंडल महामंत्री, लोकेश कुमार शर्मा मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा, पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ कोषाध्यक्ष,अंसार अहमद खलीफा भाजपा नेता महेश शास्त्री मंडल महामंत्री मित्रपुरा, सीमा देवी वर्मा, नईम खान नगर अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा, देव लाल गुर्जर जटावती सहित कई किसान उपस्थित रहे।



