श्रीमदभागवत कथा में श्री कृष्ण ने मनुष्य को सदमार्ग पर चलने व अच्छे कर्म करने की प्रेरणा दी है।
गंगापुर सिटी/सवाई माधोपुर (चन्द्रशेखर शर्मा)। हिंगोटिया गांव में श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव एवं शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा कलश यात्रा का विधिवत शुभारम्भ हुआ।
इस दौरान हिंगोटिया गांव में श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव के उपलक्ष में बैंड बाजों के साथ में कलश यात्रा भी निकाली गई। गांव में प्रातः 11:00 बजे सीताराम जी के मंदिर पर विधिवत पूजा अर्चना की गई इसके बाद बैंड बाजों के साथ भव्य कलश यात्रा शुरू हुई जिसमें 151 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए चल रही थी कुछ महिलाएं भौमिया बाबा एवं संत बाबा भजनों पर डीजे के आगे नृत्य करती हुई चल रहीं थीं,वही उत्साही युवक भौमिया बाबा एवं संत बाबा के जयकारों लगाते हुए डीजे पर नाचते हुए चल रहे थें कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया कलश यात्रा के कथा स्थल भौमिया बाबा के मंदिर पहुंचने पर विधिवत पूजा अर्चना की गई।
दनगस परिवार की ओर से कथा वाचक प.श्री मोहनलाल पाराशर का पंच पटेलों ने माला व साफा पहनाकर अभिनन्दन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर रहें।मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर,अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा जिला अध्यक्ष मनोज कुनकटा सहित अन्य अतिथियों का गांव के पंच पटेलों ने माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर ने सभी से धार्मिक आयोजनों का आव्हान करते हुए कहा कि धर्म की जड़ सदा हरी होती है चाहती ऐसे आयोजनों से न केवल धर्म का प्रचार होता है बल्कि इससे आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है उन्होंने सभी से धर्म के मार्ग पर चलते हुए गरीब एवं असहाय हो की सेवा करने का आव्हान किया।
अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा जिला अध्यक्ष मनोज कुनकटा ने कहा कि आप अपने बच्चों को जीवन में अच्छे संस्कार देना संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। अच्छे संस्कारों के माध्यम से ही बच्चे पढ़ लिखकर के अपने माता-पिता का नाम रोशन करते हैं।भागवत कथा में नई ऊर्जा सृजित करने की क्षमता है, इससे सभी को नई प्रेरणा मिलती है। धार्मिक कथा हमें संस्कार के साथ अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करती है।
जिला परिषद सदस्य सत्यनारायण गुर्जर ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम सामाजिक सरोकारों की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।धार्मिक आयोजन एवं पर्व सकारात्मक संदेश देने का भी काम करते हैं।
श्रीमद्भागवत की कथा कथावाचक प. श्री मोहनलाल पाराशर जी ने पहले दिन कथा के महात्यम के बारे में सबसे पहले श्रीमद्भागवत की साधना पद्धति समझाई।उन्होंने कल्याण का मार्ग बताते हुए कहा कि श्रीमद भागवत कथा सुनने मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है।व्यक्ति इस संसार से अपने कर्म लेकर जाता है इसलिए अच्छे कर्म करो।भाग्य भक्ति वैराग्य और ।मुक्ति पाने के लिए भागवत की कथा सुनो।वैसे तो भागवत किसी समय और कहीं भी पढ़ी या सुनी जा सकती है , फिर भी यदि संभव है तो मनुष्य तीर्थ यात्रा करें। जो भी वस्तु, हृदय को पवित्र करती है उसे पुण्य कहते है ।और जिस स्थान पर जाने से मनुष्य तर जाए उसे तीर्थ कहते हैं ।
आयोजन से जुड़े बब्बू हिंगोटिया ने बताया कि भागवत कथा प्रतिदिन सुबह 11 से 4 बजे तक चलेंगी,14 फरवरी को शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा एवं पूर्ण आहुति एवं कथा के समापन पर विशाल भंडारा किया जाएगा।
इस अवसर पर पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर,अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा जिला अध्यक्ष मनोज कुनकटा,जिला परिषद सदस्य सत्यनारायण गुर्जर,राजहंस पटेल,अर्जुन पटेल,जसराम गुर्जर,बब्बू हिंगोटिया,सुमेर सिंह गुर्जरभरतलाल बांसरोटा,शिवलाल खेड़ली,कैलाश सरपंच,राधामोहन,रामसहाय पटेल,ओमप्रकाश मेम्बर,मानसिंह,बाबू,रामभरोसी,सरदार,लक्खी,रामसहाय,रामगोपाल,धारासिंह,वचन,रूपचन्द,काडु राम,शिवचरण,रामरूप,रामकेश सहित ग्रामीण,महिला-पुरुष एवं अनेको भक्तगण मौजद रहे।