। बजरी माफिया पहले से और अधिक हुआ बेलगाम, पुलिस व प्रशासन लगता है इनकी गुंडागर्दी रोकने में हुए नाकाम मलारना डूंगर (चंद्रशेखर शर्मा)। सवाई माधोपुर जिले में बजरी माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद हो चले हैं, की अब इनके भीतर पुलिस व प्रशासन का जरा भी खौफ नहीं रहा है। यही वजह है, कि इनके द्वारा अब मारपीट, लूटपाट एवं अपहरण ऐसी घटनाओं को बेकौफ अंजाम देकर पुलिस के सामने चुनौती पेश की जा रही है। बजरी माफियाओं कि हिमाकत तो देखिए की ये लोग अब अपने स्वार्थ की खातिर भोले-भाले किसानों की या फिर या इनके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे हैं। बजरी माफियाओं की कारगुजारी को लेकर उत्पन्न नए मामले के चलते मलारना चौड़ के कुछ लोगों द्वारा बजरी माफियाओं के खिलाफ मारपीट, लूटपाट व जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर जान से मारने की नियत से अपरहण कर ले जाने का मामला मलारना डूंगर थाने में दर्ज कराया गया है। घटना शुक्रवार की है,जो मलारना चौड़ कस्बे व उसके बाशिंदों से जुड़ी हुई ह पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को सुबह 6:30 बजे राम सागर बांध के समीप टांका के बालाजी के पास ककरेली के डोले (नहर पुलिया) पर बदजरी माफियाओं द्वारा कुछ लोगों के साथ सिर्फ रास्ते की बात को लेकर मारपीट, लूटपाट व अपहरण जैसी जघन्य घटना को अंजाम दिया गया। घटना से पीड़ित लोग अपने खेतों पर सार- संभाल एवं तारबंदी को देखने के लिए आए हुए थे। इस दौरान वहां अवैध बजरी से भरी हुई तकरीबन 10-15 ओवरलोड ट्रैक्टर- टोलियां पहुंची और उनके चालकों एवं अन्य लोगों द्वारा खेतों में लगाई गई तारबंदी व गडुओं(खंभों) को तोड़ते हुए जबरन रास्ता बनाने की कोशिश की गई। शायद यह लोग पुलिस व प्रशासन के डर के मारे चोरी- छुपे अवांछित रास्तों से निकलने का प्रयास कर रहे थे। तारबंदी व गड्डू तोड़ने के चलते पीड़ित लोगों द्वारा बजरी माफियाओं को जब रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने सभी ने एकत्रित होकर खेतों पर काम करने वाले लोगों पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। इनके साथ माफियाओं द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। यहां तक कि पीड़ित पक्ष का दावा है, कि इन बजरी माफियाओं द्वारा मारपीट के दौरान गले से चांदी की चेन वह हाथ घड़ी तथा नगद रुपए तक उनसे छीन लिए गए। मलारना चौड़ निवासी परिवादी लेख राज मीणा पुत्र जय चंद मीणा एवं पुखराज पुत्र बिशनलाल के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। पीड़ितों का आरोप है, कि इन लोगों द्वारा हमारी मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचाया गया और हमें उठाकर ले गए। इन लोगों ने पुखराज को मारने की नियत से उसके पीछे ट्रैक्टर भी दौड़ाया। लेकिन उसने भाग कर अपनी जान बचाई। इसके बाद उन लोगों द्वारा हमारा अपहरण कर लिया गया। और हमें जस्टाना गांव तक ले गए। यहां कुछ ग्रामीणों ने उन्हें समझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन वो लोग नहीं माने। और कानलोदा महाराज जी की कुटिया पर लाकर फिर से हमारे साथ और मारपीट की। मलारना चौड़ निवासी प्रार्थी गणों में शामिल जगदीश पुत्र सुरजन मीणा, मुरारी पुत्र मीठा लाल मीणा, पुखराज पुत्र किशन लाल मीणा, अशोक पुत्र जयचंद मीणा, एवं लेखराज पुत्र जय चंद मीणा ने पुलिस में रिपोर्ट देकर निम्न बजरी माफियाओं के रूप में शामिल मारपीट लूटपाट की घटना के जिम्मेदार खेमराज पुत्र रामकेश, भरत लाल पुत्र आलू, दिलकुश पुत्र हनुमान, आलू पुत्र मोहनलाल, चेतराम मीणा, चरतलाल पुत्र आलू (सभी जस्टाना निवासी ) एवं तुलसी राम मीणा ( कानलौदा) सिराज खान (शेषा) महेंद्र (एमपी) जस्टाना, गोलू (भूखा) आदि अन्य घटना में शामिल थे। जिनके खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस रिपोर्ट के बाद पीड़ितों का मेडिकल मुआयना भी कराया गया। जिसमें गंभीर चोटें भी दर्शाई गई है।
