| मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जयपुर के नाहरगढ़ में टाइगर सफारी का फीता काटकर लोकार्पण किया। प्रदेशवासियों को मिली इस सौगात से अब वन्य जीव प्रेमी जयपुर में भी टाइगर सफारी का आनंद ले सकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान में दो बाघ शावकों का नामकरण भी किया। मुख्यमंत्री ने मादा बाघ शावक का नाम ‘स्कंदी’ तथा नर बाघ शावक का नाम ‘भीम’ रखा। श्री शर्मा ने वन विभाग और जेडीए के संयुक्त प्रयासों से शुरू हुई टाइगर सफारी से प्रदेश में पर्यटन को एक नई शुरूआत मिली है। साथ ही, इससे बाघों के संरक्षण और संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष जोर दे रहा है। प्रदेश में तीन नेशनल पार्क, 26 अभयारण्य, 36 कन्जर्वेशन रिजर्व तथा 4 बायोलॉजिकल पार्क विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे बाघ संरक्षण प्रयासों से उनकी आबादी बढ़ रही है। राजस्थान में लगभग 130 बाघ हैं। उन्होंने कहा कि जेडीए ने जयपुर जिले में दो नए पार्क विकसित किए हैं। जिनमें जीरोता में नगर वन और नेवटा के पास बायोडायवर्सिटी पार्क शामिल हैं। कार्यक्रम में वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि टाईगर सफारी से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा जयपुर में 4 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से 30 हेक्टेयर में टाइगर सफारी विकसित की गई है। इस टाइगर सफारी में 7 किलोमीटर का सफारी ट्रैक विकसित किया गया है। ......more | 19:34 |
