किशनगढ़ । श्रीरामकृष्ण मण्ड़ल कृष्णगढ़ के तत्वाधान में किशनगढ़ शहर स्थित कचहरी चौक में श्रीरामकृष्ण मण्ड़ल भवन मंच पर 106 वीं ग्यारह दिवसीय "श्री रामायण लीला" के चौथें दिवस गुरुवार को रात्रि में कैकयीं - मंथरा संवाद, दशरथ - कैकयीं संवाद, श्रीराम वनवास तथा पांचवें दिवस शुक्रवार को केवट प्रसंग, निषादराज से भेंट, दशरथ मरण आदि का अभिनय, चित्रण एवं मंचन किया गया। "श्री रामायण लीला - 2022" के निर्देशक गिरधर पुरोहित एवं सह निर्देशक प्रेमप्रकाश पुरोहित के संयुक्त निर्देशन में उपरोक्त समस्त भूमिकाओं में दशरथ के रूप में राजेश काकड़ा, सुमन्त के रूप में श्यामसुन्दर दर्जी, कैकयीं के रूप में मुरली पुरोहित, मंथरा के रूप में पार्थ पुरोहित आदि ने अद्भुत अभिनय एवं मंचन किया। दशरथ की भूमिका अदा करते हुएं राजेश काकड़ा ने अपने काका स्व. रूपश्याम काकड़ा द्वारा वर्षों पूर्व दशरथ के रूप में निभाई गई जीवट भूमिका को पुनः जीवित कर दिया। उक्त भूमिका में दशरथ एवं श्रीराम की विरह व्यथा को देखकर समस्त सनातन धर्मानुयायीं हृदय से भाव - विभोर हो गएं एवं अश्रु छलक पड़ें। श्रीरामकृष्ण मण्ड़ल (रजिस्टर्ड़), कृष्णगढ़ के संरक्षक छोटूलाल काकड़ा, सचिव मंघाराम रामचंदानी एवं कोषाध्यक्ष श्रीनिवास कालाणी आदि ने अनुकूल रूप से विभिन्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित की। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में सनातन धर्मानुयायीं की उपस्थिति रहीं। "श्री रामायण लीला - 2022" के छटें दिवस शनिवार, 01/10/2022 को रात्रि में भरत मिलाप, सूर्पनखा नाक कान काटना, खरदूषण वध आदि का मंचन किया जायेगा।
