आईएफडब्ल्यूजे जिला इकाई ने जिलाध्यक्ष दीनदयाल सारस्वत के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम हिण्डौन सिटी के एसडीओ को सौंपा ज्ञापन।
करौली/ सवाईमाधोपुर ( चन्द्रशेखर शर्मा)। स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को अनैतिक प्रयासों से दबाने के देश में चल रहे षड्यंत्र को लेकर अग्रिम पंक्ति के पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे ने कमर कस ली है, संगठन से जुड़े तमाम पत्रकार देशभर में कड़ा विरोध प्रदर्शन कर मोर्चा खोले हुए हैं। इस संबंध में आईएफडब्ल्यूजे की करौली जिला शाखा से जुड़े पत्रकारों ने भी बुधवार को राष्ट्रपति के नाम हिण्डौन के एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर निर्भीक और स्वतंत्र पत्रकारिता को संरक्षण प्रदान करने की पुरजोर मांग की ।आईएफडब्ल्यूजे के जिलाध्यक्ष दीनदयाल सारस्वत ने बताया कि देश में इन दिनों स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को कानून का सहारा लेकर दबाने की लगातार कोशिश की जा रही है। गत दिनों जी मीडिया के एंकर रोहित रंजन को गिरफ्तार किया गया, उससे समस्त पत्रकार जगत में रोष व्याप्त है। हालांकि उन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। जिलाध्यक्ष सारस्वत ने कहा कि देश में संविधान का राज है और उसके तहत किसी भी गलती के लिए गिरफ्तारी से पहले एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसका पालन किया जाना बेहद जरूरी है। पत्रकार रोहित रंजन की गिरफ्तारी के लिए उनके घर पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस ने किसी एक विचारधारा को संरक्षण देने की नीयत से बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किए कार्रवाई को अंजाम दिया। इससे पहले भी राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल के एंकर अमीश देवगन और अमन चोपड़ा के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की गई। करौली जिला शाखा के जिलाध्यक्ष दीनदयाल सारस्वत के साथ उपखंड हिण्डौन के अध्यक्ष नीरज गर्ग, पत्रकार शुभम तिवाडी, कृष्ण मुरारी राजौरा, जयप्रकाश शुक्ला, चन्द्रमोहन जांगिड़, सुरेश शर्मा, अंशुल कुमार, करतार चौधरी, आदि कई पत्रकार उपखंड कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम एसडीओ अनूप सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने की सीधी कोशिश है। इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्ल्यूजे) राजस्थान प्रदेश इकाई ने राष्ट्रपति से मांग की है कि इस मामले में दखल देकर स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को अपना संरक्षण प्रदान करें। जिलाध्यक्ष सारस्वत ने यह भी बताया कि आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संगठन से जुड़े पत्रकारों की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, जिनमें राष्ट्रपति से निर्भीक और स्वतंत्र पत्रकारिता को संरक्षण प्रदान करने की मांग की जा रही है।
