सवाई माधोपुर/दौसा (चन्द्रशेखर शर्मा)। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने सोशल मीडिया एवं कांफ्रेंस के माध्यम से रीट परीक्षा धांधली के बाद एक बार फिर राज्य सरकार द्वारा आयोजित पटवारी भर्ती परीक्षा में भी पूर्णरूपेण धांधली का आरोप लगाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं ।उनका आरोप है कि, पटवारी परीक्षा में भारी स्तर धांधली के तथ्य सामने आ रहे हैं। करवा चौथ से एक दिन पहले महिला अभ्यर्थियों की परीक्षा हुई थी, जिसमें A, B, C नाम के पुरुष अभ्यर्थियों के बाद सीधे कुछ M नाम के छात्रों को शामिल किया गया। क्या ऐसा अपने चहेतों का चयन करने के लिए किया गया?
पटवारी परीक्षा के परिणाम पर अभ्यर्थियों की आपत्ति के बाद कर्मचारी चयन बोर्ड ने इसे नॉर्मलाइजेशन कमेटी के समक्ष विचारार्थ रखने का फैसला किया है। यानी बोर्ड ने बिना नॉर्मलाइजेशन कमेटी के हरी झंडी के परिणाम जारी किया है। ऐसा करने के पीछे बोर्ड का क्या मकसद था?
बोर्ड ने स्केलिंग के नाम पर पटवारी परीक्षा में भारी धांधली की है। परीक्षा चार चरणों में हुई थी। पहले तीन चरणों के मुकाबले अधिक प्रश्न सही करने के बावजूद चौथी पारी के बहुत कम अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
पटवारी परीक्षा का सिलेबस एक था और पेपर बनाने वाली एजेंसी भी एक ही थी। फिर प्रश्न-पत्रों का स्तर एक जैसा होने की बजाय अलग-अलग क्यों था? क्या ऐसा स्केलिंग की आड में अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया?