माटी की महक न्यूज़ किशनगढ़। संयुक्त अभिभावक संघ किशनगढ़ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी को देते हुए स्कूल फीस के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना एवं फीस एक्ट 2016 की पालना सुनिश्चित करवाने एव बिना वेक्सीन स्कूल नही खोलने की मांग को गई। ज्ञापन में आठ सूत्रीय मांग करते हुए बताया कि 03 मई 2021 को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिये गए आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित करवाये साथ ही जो फीस एक्ट 2016 है जिसको सुप्रीम कोर्ट ने सही मानते हुए एक्ट के अनुसार फीस जमा करवाने के आदेश दिए है। उनकी पालना सुनिश्चित करवाई जाकर अभिभावकों को पीड़ित, प्रताड़ित और अपमानित होने से बचाते हुए नियमपूर्वक और न्यायालय के आदेशानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करवाई जाए एवं दोषी निजी स्कूल संचालक व अधिकारियों पर कार्यवाही निर्धारित की मांग की गई। ज्ञापन में बताया कि मांगे नही मानी गई तो मजबूर अभिभावकों को सड़कों पर आना पड़ेगा और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना पड़ेगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी व जवाबदेही राज्य सरकार की रहेगी। संयुक्त अभिभावक संघ के बेनर तले ज्ञापन देने अध्यक्ष सुमित बेणावत, उपाध्यक्ष विकास सोडानी, सचिव ओम प्रकाश यादव, विधि सलाहकार प्रदीप अग्रवाल सहित दीपक कोठारी, अमित शर्मा, प्रवीण अग्रवाल, विनीत बेंगाणी, दिनेश अग्रवाल, विकास मुणोत, वाहिद मंसूरी व अन्य उपस्थित थे।
विभिन्न मांगे रही
1- 03 मई 2021 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गए आदेश की पालना सुनिश्चित करवाई जाए।
2- फीस एक्ट 2016 की पालना सुनिश्चित करवाई जाए, एक्ट के अनुसार निजी स्कूलों में पीटीए व एसएलएफसी का गठन कर फीस निर्धारित करवाई जाए व वर्ष 2021-22 की फीस भी स्कूल " फीस एक्ट 2016 " के अनुसार निर्धारित करें को लेकर शिक्षा विभाग के प्रत्येक अधिकारियों को " सख्ती के साथ अनुपालना सुनिश्चित " करवाने के निर्देश दिए जाएं।
3- स्कूल फीस एक्ट 2016 को GSR नोटिफिकेशन संख्या 114 के तहत 08.02.2017 को राज्य सरकार ने लागू किया था। प्रदेश में जिन निजी विद्यालयों में इस एक्ट को लागू होने के बाद भी स्कूल फीस एक्ट 2016 की पालना न करते हुए भी फीस बढ़ाई गई है उसे गैर कानूनी घोषित कर सत्र 2016-17 की फीस को ही एक्ट की पालना करने तक मान्य करवाई जाए एवं एक्ट की पालना करने तक सत्र 2016 -17 की फीस की वसूली के आदेश राज्य सरकार प्रसारित करें।
4- जो अभिभावक किसी कारणवश फीस जमा नही करवा पा रहे है उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अभिभावकों की यथोस्थिति अनुसार समय उपलब्ध करवाया जाए।
5- जो अभिभावक फीस के चलते स्कूलो से टीसी प्राप्त करना चाहता है उन्हें तत्काल टीसी उपलब्ध करवाई जाए। टीसी लेने वाले अभिभावकों की जिम्मेदारी राज्य सरकार स्वयं लेंवे। जिससे बच्चे के भविष्य को खराब होने से बचाया जा सके।
6- निजी स्कूलों द्वारा जिन छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और रिजल्ट रोके गए है उन्हें तत्काल उपलब्ध करवाई जाए।
7- 16 मई 2021 को प्रथम ज्ञापन व 5 जून 2021 को रिमाइंडर ज्ञापन के जरिये आपको और शिक्षा मंत्री को ईमेल के जरिये भेजे गए ज्ञापन में " संयुक्त अभिभावक संघ " की ओर से " अधिनियम 2016 के अनुसार खण्डीय फीस विनियामक समिति एवं पुनरीक्षण समिति " गठित करने की मांग की गई थी। अतः तत्काल " अधिनियम 2016 के अनुसार खण्डीय फीस विनियामक समिति एवं पुनरीक्षण समिति " गठित की जाए।
8- 2 अगस्त 2021 को स्कूल खुलने से पूर्व राज्य सरकार और स्कूल संचालक स्कूलों में आने वाले प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य की लिखित गारंटी और जिम्मेदारी लेंवे।
