बरियारा निवासी गुर्जर ने दहेज में वधू पक्ष से भेंट स्वरुप एक नारियल लेकर कन्या और कलश का किया वरण
सवाई माधोपुर/बौंली(चंद्रशेखर शर्मा) उपखंड क्षेत्र के बरियारा गांव निवासी एवं सवाई माधोपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय के निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष एसपी गुर्जर ने बिना दहेज शादी करके जहां गुर्जर समाज के भीतर एक अनूठी मिसाल पेश की है , वहीं अन्य समाज के लोगों के लिए भी इस कोरोना काल में दहेज विरोधी मुहिम चलाकर एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है।" शिक्षा ही व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक" है इस ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए एसपी गुर्जर ने लोगों को शिक्षा के महत्व से भी परिचय करवाया है। महत्वपूर्ण पहलू तो यह है, कि बरियारा जैसे गुर्जर बाहुल्य छोटे से गांव में बिना दहेज की ये अपने आप में पहली शादी है। नहीं तो इस जमाने में बिना दहेज शादी होना शायद ही मुनासिब है। क्योंकि दहेज लेना- देना यहां सभी समाजों में एक प्रतिष्ठा का सवाल माना जाता है ।अपनी शादी के विषय में बताते हुए छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा,कि यदि हम पढ़े- लिखे शिक्षित लोगों के बीच रहते हैं, और फिर हमारे ऊपर उनके नेतृत्व की जिम्मेदारी है, तो हमें समाज में दहेज रूपी प्रथाओं को खत्म करने के लिए खुद से शुरुआत करनी होगी, वरना हमारे शिक्षित होने का कोई औचित्य ही नहीं है। गुर्जर ने यह भी कहा कि हमें दहेज में सगुन के तौर पर सिर्फ और सिर्फ एक नारियल ही लेना चाहिए। मेंने और मेरे परिवार ने भी अपनी शादी में लड़की वालों की ओर से भेंट स्वरुप सिर्फ एक नारियल लेकर कन्या और कलश का वरण किया है। गुर्जर ने यह भी कहा कि हम सभी संकल्प लें की
बिना दहेज पढ़ी लिखी बेटी देने वाले हर परिवार को दहेज प्रथा से मुक्त कर कर्जदार होने से बचा सकें । अगर आप दहेज की चिंता नही करके शिक्षित बेटी देने का प्रण लोगे तो शिक्षा का स्तर भी बढ़ेगा और समाज में सकारात्मक संदेश भी जाएगा। कोरोना काल में की गई शादी को लेकर जब एसपी गुर्जर से सवाल किया गया तो, उन्होंने इस विवाह को अपनी मजबूरी बताया। गुर्जर ने बताया कि उनके विवाह समारोह को लेकर अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई थी। विशेषकर लग्न- टीके तक का कार्यक्रम संपूर्ण हो चुका था। इसलिए भारतीय संस्कृति एवं मान्यताओं के अनुसार 14 मई को ही उनके सात फेरे (पाणी ग्रहण संस्कार) होने जरूरी थे। लेकिन प्रशासनिक गाइडलाइन एवं बिना भीड़ भाड़ के, बिना तामझाम के एक सादगी पूर्ण ढंग से यह विवाह संपन्न हुआ है। में और मेरे परिवार द्वारा इस शादी में कोविड-19 गाइडलाइन की पूर्ण पालना करते हुए ही शादी की सारी रस्में पूरी की गई है।

