किशनगढ़। राधाष्टमी के उपलक्ष्य मे शहर के मुख्य बाजार को एक अलग ही आध्यात्मिक रंग में रंग गया। सब्जी मंडी स्थित चंद्रप्रभु कॉम्पलेक्स में श्यामबाबा के भक्तों द्वारा आयोजित भजन संध्या ने ऐसा माहौल रचा कि हर ओर भक्ति रस ही छलकता दिखाई दिया। श्याम भक्त मंडल की ओर से प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं के हृदय को गहराई तक छू लिया, वातावरण “श्याम-श्याम” के जयकारों से गूंजता रहा।
आयोजन का शुभारंभ
भजन संध्या की शुरुआत बाबा श्याम के दरबार में दीप प्रज्वलन और मंगलाचारण के साथ की गई। मंच पर बाबा श्याम की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसे फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से विशेष रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में मत्था टेका और भजनों की श्रृंखला प्रारंभ हुई।
श्याम भक्त मंडल की प्रस्तुति
श्याम भक्त मंडल मे सोमानी व उनकी टीम के गायक कलाकारों ने एक के बाद एक भजनों की ऐसी सुरीली झड़ी लगाई कि उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। “खाटू वाले के दरबार में” और “श्याम तेरी महिमा अपरंपार” जैसे भजनों ने भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ढोलक, मंजीरे और हारमोनियम की संगत के साथ जब भक्तों की आवाजें एकसाथ गूंजी तो वातावरण अलौकिक हो गया।
भक्तों की उमड़ी भीड़
इस भजन संध्या में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। परिवारों सहित महिलाएं, युवा और बच्चे बाबा श्याम की भक्ति में डूबे नजर आए। हर कोई भजनों के साथ तालियां बजाता और श्याम नाम का जाप करता दिखाई दिया। कई भक्तों ने भक्ति भाव से नृत्य भी किया, जिससे आयोजन और भी जीवंत हो उठा।
वातावरण में भक्ति और ऊर्जा
पूरे चंद्रप्रभु कॉम्पलेक्स में भक्तों की भीड़ इतनी अधिक थी कि बाजार का हर कोना भक्ति रस से सराबोर दिखा। अगरबत्तियों और पुष्पों की सुगंध वातावरण में फैल रही थी। मंच पर कलाकार जब श्यामबाबा का गुणगान करते तो नीचे बैठे भक्त झूम-झूमकर “जय श्री श्याम” के जयकारे लगाते।
सामाजिक संदेश भी दिया गया
इस अवसर पर आयोजन समिति के पदाधिकारियों महेंद्र सिंह, इंद्रा चौधरी, ममता कंवर, अनीता शर्मा, संदीप, देवेंद्र, मनोज लखारा ने समाज को एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल भगवान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह हमें इंसानियत, सेवा और प्रेम का पाठ भी सिखाती है। बाबा श्याम का दरबार सभी के लिए खुला है, यहाँ कोई भेदभाव नहीं है।
महिलाओं की विशेष भागीदारी
आयोजन में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने सामूहिक रूप से भजनों में स्वर मिलाकर वातावरण को और अधिक मधुर बना दिया। कई भक्तिनें बाबा श्याम की आरती के समय दीप लेकर झूमती हुई नजर आईं।
बच्चों का उत्साह
बच्चों में भी इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखा गया। छोटे-छोटे बालक-बालिकाएँ बाबा श्याम की पोशाक पहनकर और हाथों में ध्वज लेकर पहुंचे। जब भजन मंडली ने “श्याम बाबा की अमर कहानी” गाया तो बच्चे भी बड़े उत्साह से तालियां बजाते और नाचते नजर आए।
आयोजन स्थल की सजावट
चंद्रप्रभु कॉम्पलेक्स को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया था। प्रवेश द्वार पर विशेष तोरणद्वार बनाया गया, जहाँ से गुजरते समय श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की जा रही थी। अंदर पंडाल में बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी और भजन संध्या का मंच आकर्षक रोशनी से जगमगा रहा था।
आयोजन के दौरान श्यामभक्तों ने प्रसादी और शीतल पेयजल की व्यवस्था भी की। श्रद्धालुओं को कार्यक्रम समाप्ति के बाद खीर-पूड़ी और हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। सेवा भाव से ओतप्रोत यह दृश्य देखकर हर कोई प्रभावित हुआ।
भक्ति में डूबा किशनगढ़
किशनगढ़ का मुख्य बाजार, जो आम दिनों में व्यापार और चहल-पहल के लिए जाना जाता है, रविवार को पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया। चंद्रप्रभु कॉम्पलेक्स के व्यापारियों ने अपना तन मन से सहयोग दिया और आयोजन का स्वागत करते हुए श्रद्धालुओं को सहयोग प्रदान किया। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर बाबा श्याम की झांकी सजाकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
