जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में हुआ प्री-काउंसलिंग शिविर व डोर-स्टेप काउंसलिंग का आयोजन।सवाई माधोपुर/ चन्द्रशेखर शर्मा। माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वाधान में बुधवार को इस वर्ष आयोजित होने वाली तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 13.08.2022 हेतु बैंक व वित्तीय संस्थानों के प्रकरणों में राजीनामा व समझाईश हेतु प्री-काउंसलिंग का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर में किया गया।
श्वेता गुप्ता सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि आज दिनांक 06.07.2022 को श्रीराम सिटी यूनियन फाईनेंस लिमिटेड, सहकारी भूमि विकास बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, हिंदुजा लेलैंड फाईनेंस लिमिटेड, मेग्मा फिनकॉर्प लिमिटेड, जंबो फिनवेस्ट फाईनेंस लिमिटेड, कोगटा फाईनेंस लिमिटेड व महिंद्रा एंड महिंद्रा आदि बैंक व वित्तीय संस्थाओं द्वारा प्री-काउंसलिंग का आयोजन किया जा रहा है। रालसा के निर्देशानुसार रुपये 10 लाख तक की राशि के धारा 138 एन.आई. एक्ट के फौजदारी प्रकरणों एवं बैंक रिकवरी के सिविल मामलों में प्री-काउंसलिंग का आयोजन किया जा रहा है। प्री-काउंसलिंग में पक्षकारान से संपर्क कर न्यायालय में लंबित प्रकरणों में समझाईश की जा रही है और ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों में आपसी समझाईश के द्वारा राजीनामे के प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों का निस्तारण आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 13.08.2022 में किया जा सके। साथ ही श्वेता गुप्ता सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यह भी बताया गया कि कल दिनांक 07.07.2022 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में न्यायालय में लंबित प्रकरणों के लिये श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाईनेंस लिमिटेड, एकविटास स्मॉल फाईनेंस, एल.आई.सी. डिवीजन सवाई माधोपुर, यूनाईटेड बैंक, एक्सिस बैंक, एयू स्मॉल फाईनेंस बैंक, एच.डी.बी. बैंक, इंडुसिंध बैंक, बजाज फाईनेंस लिमिटेड जयपुर, टीवीएस क्रेडिट सर्विस जयपुर, जॉन डिरे फाईनेंस आदि वित्तीय संस्थाओं द्वारा प्री-काउंसलिंग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेष छूट के साथ न्यायालय में लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। जिसके लिए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आमजन से अधिक से अधिक बैंक व वित्तीय संस्थाओं से जुड़े न्यायालय में लंबित प्रकरणों का निस्तारण आपसी समझाईश से करने के लिए अपील की गई, जिससे पक्षकारान के समय के साथ-साथ धन की बचत की जा सकती है।
साथ ही जिला प्राधिकरण सचिव द्वारा आमजन से तथा उपस्थित वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधिगण से अधिकाधिक प्रकरणों का निस्तारण करने की अपील की गई।
