31 महिलाओं का नारी गौरव सम्मान
जयपुर । अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्पर्क संस्थान द्वारा देश भर में अपने विशिष्ट कार्य से पहचान बनाने वाली 31 महिलाओं को नारी गौरव सम्मान से नवाजा गया । समारोह की मुख्यबअतिथि बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि भारतीय प्रशासनिक सेवा वरिष्ठ अधिकारी उर्मिला राजोरिया शिक्षाविद शोभा गुप्ता संपर्क संस्थान की समन्वयक व महासचिव रेनू शब्द मुखर वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ आरती भदोरिया, कार्यक्रम संयोजक शशि मूंदड़ा ने प्रतिभावों को स्मृति चिन्ह व दुपट्टा पहनाकर अभिनहंदन किया ।सम्पर्क संस्थान के अध्यक्ष अनिल लड्ढा ने अपने स्वागत भाषण में संस्थान की उप्लब्धधियो चर्चा की। उन्होंने बताया की 31 महिलाओं का सम्मान किया गया जिन्होंने किसी ने किसी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा ,मेहनत व कुशल व्यवहार व कार्य क्षमता से विशिष्ट पहचान बनाई। मुख्य अतिथि महिला एवं बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कहा कि लड़कियों को देश मे सुरक्षा का वातावरण देना न केवल सरकार का ही नही हम सब का कर्तव्य है । उन्होंने संपर्क संस्थान की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए कहा की हमे बच्चियों को शिक्षित व सुरक्षित बनाना बहुत जरूरी है।कोमल है कमजोर नही तू शक्ति का नाम ही नारी है पंक्ति से उन्होंने सभी महिलाओं को खुद को पहचानने की प्रेरणा दी।विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक अधिकारी उर्मिला राजोरिया ने कहा कि सम्पर्क संस्थान
महिलाओं के उन्नयन के लिए बहुत अच्छा कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि महिलाएँ स्वयं के पोषण पर ध्यान देवे। संस्थान की प्रदेश समन्वयक व महासचिव रेनू शब्दमुखर ने संपर्क साहित्यिक सफर को बताते हुए कहा कि संपर्क ने सभी महिलाओं का सहयोग पाकर अपना परचम लहराया है ।कार्यक्रम में मैनेजिग डायरेक्टर इविक्टिस एजुकेट शुभा गुप्ता ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में कहा कि देश की आधी आबादी जब तक सशक्त , शिक्षित व सुरक्षित नही होगी तब तक देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में नही आ पायेगा।सम्पर्क संस्थान की उपाध्यक्ष डॉ.आरती भदौरिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महिला होने का अर्थ ही यह है कि हम अपने आप को लगातार सबल बनाते रहे।परम्पराएं तोड़ कर आगे बढ़ने की शुरुआत करें।इस अवसर पर मुम्बई निवासी नीतू भूषण तातेड़ के काव्य संग्रह *अभी बाकी हूँ मैं* का विमोचन किया गया । इस काव्य संग्रह में उन्होंने स्त्री जीवन के कई खट्टे मीठे अनुभव लिखे हैं। कार्यक्रम का सुंदर संचालन डॉ रत्ना शर्मा ने किया । सरस्वती वंदना सलोनी क्षितिज रस्तोगी ने प्रस्तुत की।संस्थान के वरिष्ठ संरक्षक विमल चौहान ने आभार जताया ।
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