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चांदी की खनक के नीचे दबा प्रशासन रसूखदारों के अवैध निर्माण को दे रहा शह.....

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माटी की महक न्यूज़ किशनगढ । @ भेरूसिंह चोहान ।

कहने को तो एक आम आदमी से लेकर खास आदमी तक सबके लिए एक जैसा नियम और कानून बना है, लेकिन सरकार में बैठे सफेदपोश नेताओं ने आज के समय के नियम कायदों व कानून की परिभाषा को ही अलग-थलग कर दिया है। एक आम आदमी अपना छोटा सा घर बनाता है तो प्रशासन उसे नियम कायदों की लम्बी चौड़ी फ़ाइल पकड़ा कर उसी में उलझा देता है। लेकिन किसी खास आदमी /या संस्थान को कितनी भी बड़ी इमारत कही पर भी बनानी हो तो उसे कुछ नहीं करना पड़ता है, उसके लिए नियमों की भाषा, कानून की परिभाषा तक बदल दी जाती है। जिसके चलते हर ऐसी जगहों पर भी बड़ी बड़ी अवैध इमारतें खड़ी हो रही है। जो प्रशासन के साथ साथ आम जीवन को भी अस्त व्यस्त करने का काम कर रही है। आपकों बता दें कि पिछले कई सालों से शहर की मुख्य सड़कों पर भारी जाम और पार्किंग की पीड़ा को लेकर व्यापारी से लेकर दुकानदार तक, शासन से लेकर प्रशासन तक जूझ रहा है। फिर भी अवैध निर्माण व अतिक्रमण की मानों जैसे शहर में बाढ़ सी आ गई है। चांदी की खनक के बोझ तले दबें प्रशासन के हाथ ना कि उन पर कार्रवाई करने में स्वंय को असक्षम समझ रहे हैं। अपितु प्रशासन द्वारा इन्हें देखकर भी अनदेखी कर शहर को बदहाल स्थिति में ले जाने का काम कर रहे हैं। नगरपरिषद द्वारा कार्रवाई के नाम पर हमेशा महज़ खानापूर्ति करने के चलते शहर में आज रसूखदारों द्वारा अवैध निर्माण को लगातार जारी है। वहीं चुनावो में वोटों के लालच ने क्षेत्र के सभी सफेदपोश नेताओं के मुंह पर भी पट्टी बांध दी है। शहर के मुख्य बाजार हो या अजमेर रोड़, खोड़ा गणेश रोड़ ,मझेला रोड , सब्जी मंडी ओसवाली मोहल्ला ,गोपाल बिल्डिंग में चल रही अवैध इमारत ने जंहा नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रखा है। वहीं अजमेर रोड पर काम्प्लेक्सो ने पार्किंग समस्या को तो बढ़ावा देने का काम किया ही है । अगर इस तरह एक रसूखदार को खुलेआम नियम कायदों की धज्जियां उड़ाने का हक है तो फिर एक आम आदमी को भी सडक के फुटपाथ पर अपनी आजीविका चलाने का हक मिलना चाहिए। शहर के जनसेवक लगातार सड़को से अतिक्रमण मुक्त ओर ट्रैफिक को स्वस्थ बनाने के सपने जरूर देख रहे है । लेकिन क्या यह सपना कभी हक्कीत होगा या योंही अतिक्रमण ओर अवैध निर्माण बदसूरत जारी रहेगे ।

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