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एक तरफ कोरोना जैसी आपदा की घड़ी, तो दूसरी तरफ भस्मासुर की तरह महंगाई भी बढ़ी

सवाई माधोपुर(चंद्रशेखर शर्मा)। वर्तमान में चल रही कोरोनावायरस महामारी के बीच अब बढ़ती महंगाई भी आम आदमी की कमर तोड़ रही है। हालत यह है कि खाने के तेल, दाल साबुन तक के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। चिंता की बात है कि आने वाले समय में भी इनसे राहत मिलते नहीं दिखाई दे रही है।

बीते 15 दिन में ही खाने-पीने की चीजों के दाम में भारी इजाफा हुआ है।

कोरोना काल में पेट्रोल-डीज़ल और रसोई गैस के बाद अब तेल-साबुन के बढ़ते दाम ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले साल लॉकडाउन और महामारी की मार से रसोई के बजट पर उतना असर नहीं देखने को मिला था, जितना वर्तमान में देखने को मिल रहा है । सब्जियों और फलों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद अब खाद्य तेलों के दाम में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। दाल के भाव बढ़ चुके हैं।

एक तरफ देश प्रदेश की बड़ी आबादी कोरोना के बढ़ते संक्रमण से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। वहीं दूसरी ओर दवाइयों और इलाज के खर्चों का बोझ झेल रहे आम आदमी को अब रसोई के बजट के लिए भी जद्दोजहद का सामना करना पड़ रहा है।  अलग-अलग शहरों कस्बे एवं गांवो में  खाने-पीने की चीजों का दाम आसमान छू रहा है। हालत ये है कि अब खुदरा दुकानों पर कम संख्‍या में ही लोग आ रहे हैं। जो खरीदारी कर भी रहे हैं।  वो अब पहले की तुलना में कम तादाद एवं संख्या में

ही खरीदारी कर रहे हैं।

15 दिन में ही तेजी से बढ़े दाल के भाव

अगर दाल की ही बात करें तो बीते 15 दिन में इसमें बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है.  चुकी है. मसूर की दाल का भाव 70 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर अब 90 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।

खाने के तेल का दाम भी बढ़ा है। बीते 15 दिन में खाद्य तेलों के दाम में 39 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ है. सरसों का तेल 15 दिन पहले 135 रुपये प्रति लीटर पर था, लेकिन अब यह बढ़कर 160-170रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। इसी प्रकार रिफाइंड के दाम में भी 25 रुपये तक का इजाफा हुआ है।

बीते एक साल में पाम तेल का भाव करीब दोगुना तक बढ़ा है।

यही कारण है कि अब पाम से निर्मित वस्तुओं को बनाने वाली कंपनियां अपने पैकेज्‍ड फूड आइटम्‍स के दाम में इजाफा करने को मजबूर है। अधिकांश कंपनियों में  पाम तेल की खपत होती है। इससे साबुन तक के दाम में कई फीसदी तक इजाफा से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। एक और लॉकडाउन के कारण धंधे बंद पड़े हुए हैं वहीं आम दैनिक रसोई की वस्तुओं के दाम बढ़ने से भी लोगों को चिंता सता रही है।

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