किशनगढ ।रिपोर्ट# सुनील दरड़ा । कोरोना के इस मुश्किल दौर में इससे बचने का एक रास्ता जो नजर आता है वो है वैक्सीनेशन। 18 साल से अधिक उम्र वालों के लिए वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है लेकिन वेक्सीन के स्लॉट की संख्या कम होने व चुनिंदा जगहों पर सेंटर होने की वजह से इसको लेकर युवाओ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वैक्सीन का स्लॉट बुक करने के लिए युवा कई घंटे लैपटॉप और मोबाइल पर बिता रहे हैं। कई युवा इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि कोविन वेबसाइट पर स्लॉट बुक करना काफी मुश्किल है। मेरे मित्र का कहना है कि बच्चे रोजाना तकरीबन 3 घंटे वेबसाइट को रिफ्रेश करते रहते है। मुश्किल से जब कोई वैक्सीन स्लॉट मिलता है उसके बाद जितनी देर में कैप्चा Captcha भरते है, उतनी ही देर में स्लॉट फुल हो जाता है। मेरे मित्र का कहना है कि जिनके पास हाई स्पीड इंटरनेट और बढ़िया स्मार्टफोन नहीं है उनके लिए तो स्लॉट बुक कराना बिना हथियार के जंग जीतने जैसा है।
रेलवे तत्काल बुकिंग की यादे ताजा कर रही है स्लॉट बुक कराने की प्रकिया
18+ वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुक करना लोगों को रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग की याद दिला दे रहा है। हममे से अधिकांश लोग तत्काल टिकट को लेकर कभी न कभी, जरूर परेशान हुए होंगे। कैसे चंद मिनटों में ही तत्काल रिजर्वेशन का कोटा फुल हो जाता था और लोग फिर अगले दिन की बुकिंग की तैयारी में जुट जाते। रेलवे के तत्काल रिजर्वेशन की बुकिंग करते समय जैसे, आपके क्लिक करते ही वेटिंग दिखना शुरू हो जाती है। वैसी ही दिक्कत का सामना इन दिनों लोगों को वैक्सीन के लिए स्लॉट बुक करने में करना पड़ रहा है । अगर आपके पास हाई स्पीड इन्टरनेट है या तेज रेम वाल स्मार्ट फ़ोन है तो ही शायद आप 18+ स्लॉट बुक कराने में कामयाब हो सके । ग्रामीण इलाको के युवाओं का तो ऊपर ही रखवाला है । क्योंकि वहां तो पहले से ही इंटरनेट के सर्वर की समस्या रहती है। जरूरत है आज स्लॉट बुक कराने की जगह रजिस्ट्रेशन कराने के बाद वरीयता से वैक्सिनेशन कराने की । इससे ना तो युवा रोज परेशान होंगे व परिजन । व सरल तरिके से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उनके रजिस्ट्रेशन न. की वरीयता से टीकाकरण हो सकेगा।
