किशनगढ़ के इतिहास में प्रथम बार भजन संध्या में ऐतिहासिक भीड़
*आवो मारा प्यारा गजानंद सिद्ध विनायक देव विनायक आवो मारा प्यारा गजानंद*।
के साथ *हिंडो डलवादु बाग मे मारा सतयुग*।
*हिड हिड सुरता राग मारा सतयुग | के साथ मंच पर आमंत्रित किया गया मुख्य कलाकार
*छोटू सिंह रावणा* के मंच पर आते ही उपस्थित जन समूह ने तालीया की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
इस अवसर पर कमेटी के मुख्य संयोजक चन्द्र प्रकाश बैद ने माल्यार्पण कर व सभापति दिनेश सिंह राठौड द्वारा स्मृति चिन्ह भेट किया गया ।
छोटू सिंह रावणा ने सुन्दर प्रस्तुती के साथ गुरु वन्दना के साथ शुभारम्भ किया।
*पहले गुरु को चरण वन्दना*
*भरत को देख अवध का राजा जो सुख आनन्द पायो*
*बजवा दिया बंजरग बाला ने बजवा दिया अंजनी के लाला ने*
*सिया राम जी का डंका लंका मे बजवा दिया बंजरग बाला ने*
*कियो केसरी के लाल मेरा छोटा सा ये काम*
*मेरे रामजी से कह देना जे सिया राम*
*वीर हनुमाना अति बलवाना राम राम कहियो जी प्रभु मन बसियो जी*
*जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस तिहु लोक उजागर* चौपाईयो के साथ उपस्थित जन समूह को नाचने गाने पर विवश कर दिया।
*श्री राम जानकी रहते मेरे सीने मे देखलो दिल के नगीने मे सिया राम जानकी रहते मेरे सीने मे*।
जनमानस की फरमाईस पर देश भक्ति भजन प्रस्तुत किये।
भारत की यही कहानी सदियो चली पुरानी यह ज्ञान की है गंगा ऋषियो की अमर कहानी
*ओ मंगल भवन य मंगल आरी । दव उस दशरत अजिर बिहारी राम सिया राम सिया राम जय जय राम*।।
*ओ गाया को ग्वालो मारो सेठ सावरीयो रे*
*हनुमान बिराजे रे बंजरग बिराजे रे*
*झालर शंख नगाडा बाजे रे। सालासर का मन्दिर मे हनुमान बिराजे रे*।
लोगो की फरमाईस पर
*हो तीन बाण के धारी मेरी लाज बचाओ ना*
*मुश्किल मे है दास अब तेरा जल्दी आवो ना*
वीर तेजाजी का सुन्दर मनमोहक भजनो से जनता को मध्य रात्रि मे भी नाचने गाने पर भावविभोर कर नाचने गाने पर विवश कर दिया।
पूरी रात दर्शको की फरमाईस और छोटू सिंह रावणा की सुन्दर प्रस्तुती पुरी रात दर्शको को पता ही नही चला की कब सुबह हो गई। पुरी रात्रि भजनो की एक से बढ़कर एक सुन्दर भजनो के साथ भक्तिमय माहौल बना रहा।
सांस्कृतिक सप्ताह के अन्तर्गत मुख्य संयोजक चन्द्र प्रकाश बैद ने बताया की 9 सितम्बर मंगलवार को रात्रि 9 बजे आर के मार्बल गुप के सौजन्य से अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन रखा गया है।
इस कवि सम्मेलन मे देशभर के प्रसिद्ध ख्यातिप्राप्त कवि अखिलेश द्विवेदी (हास्य)
सुनील व्यास (हास्य)
मनीषा सक्सेना (श्रंगार)
भरत पांडेय (हास्य)
देवेन्द्र वैष्णव (हास्य)
विनय (वीर रस)
अंकिता शुक्ला (श्रंगार)
एकता भारती (श्रंगार)
दिप पारीक (हास्य) कवि कविता पाठ प्रस्तुत करेगे।
मेला महोत्सव कमेटी के सह संयोजक श्याम जोगड़, कार्याध्यक्ष प्रेमसागर शर्मा, अध्यक्ष कैलाश रोकडिया, उपाध्यक्ष प्रमेन्द्र जोशी, उमराव बाकलीवाल, ज्ञानेन्द्र सैनी, चन्द्र प्रकाश सोनी, सुशील दाधीच, मनीष राजपुरोहित, लव सागर मोहित बरडिया, मनीष बंन्जारा, विक्रम जोशी सहित सभी कमेटी सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्य मे निरंतर लगे हुए है।


