दांता नगर स्मारिका का किया विमोचन
दांतारामगढ़ (सीकर)। दांता कस्बे का 355 वां स्थापना दिवस शुक्रवार को राजदरबार हॉल दांता गढ़ में मनाया गया। कार्यक्रम में मंचासीन पद्मश्री डॉ सुंडाराम वर्मा, ठाकुर करण सिंह दांता, वरिष्ठ शिक्षक पंडित जयशंकर प्रसाद शर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हेमाराम इंदुलिया, बीसीएमओ डॉ. अश्विनी स्वामी, प्रधान प्रतिनिधि प्रभुसिंह शेखावत, पूर्व सरपंच हरकचन्द झाझरी ने ठाकुर मदनसिंह दांता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस मौके पर पत्रकार व लेखक लिखासिंह सैनी, रमेश प्रजापत, प्रदीप सैनी, सुरेश नेमीवाल द्वारा दांता की ऐतिहासिक जानकारी पर लिखित दांता नगर स्मारिका का उपस्थित मंचासीन, गणमान्यजन, शिक्षाविद्, अधिकारियों द्वारा विमोचन किया गया। 355 वें स्थापना दिवस पर दांता के वरिष्ठ गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविद्, अधिकारीगण, पत्रकारों, स्काउट का माला पहनाकर स्वागत किया गया। वहीं ठाकुर करण सिंह, पद्मश्री डॉ सुण्डाराम वर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हेमाराम इन्दुलिया, मुनान बिसायती ने दांता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दांता को आज से 355 वर्ष पूर्व विक्रम संवत 1726 में आखातीज को ठाकुर अमरसिंह ने दांता के नाम से बसाया था। दांता को आज भी राजर्षि ठाकुर मदनसिंह दांता के नाम से जाना जाता हैं। दांता पहले पंचगिरी के नाम से जाना जाता था। दांता के स्थापना के समय से ही यहां के राजाओं द्वारा सभी जातियों के लोगों को लाकर बसाया गया और उन्हें उनके कार्यों के अनुसार रोजगार उपलब्ध करवाया ताकि सुनियोजित रूप से दांता की स्थापना हो सके व कस्बे की उन्नति हो सके। सभी उपस्थितजनों ने पत्रकार व लेखक लिखासिंह सैनी, रमेश प्रजापत, प्रदीप सैनी, सुरेश नेमीवाल दांता का स्वागत सम्मान करते हुए इसे बहुत ही सराहनीय कदम बताया। सभी को स्मारिका व मिठाई वितरित की गई। मंच संचालन स्काउटर शिक्षक पीडी कुमावत ने किया। इस अवसर पर काफी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अन्त में आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त किया।
