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 MAATI KI MAHAK NEWS
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निर्दलीय द्वारा अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए दोनों ही पार्टियों के मतदाताओं में सेंध लगाकर राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशियों को दी जा रही हैं कड़ी टक्कर                                        सवाई माधोपुर (माटी की महक न्यूज़)। सवाई माधोपुर जिले में जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य चुनावों में भाजपा व कांग्रेस दोनों ही पार्टियों द्वारा उपेक्षा का शिकार हुए निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी से टिकट नहीं मिलने के कारण निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतर कर पार्टी के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी है। एक और जहां यह बागी प्रत्याशी चुनावी माहौल को त्रिकोणीय बनाने में लगे हुए हैं, वहीं अपनी-अपनी पार्टियों के प्रत्याशियों (कांग्रेस व भाजपा से सिंबल प्राप्त) को कड़ी चुनौती देते हुए चुनाव मैदान में आ डटे हैं। कमोबेश स्थिति यह बनी हुई है, कि यहां इन्हें आम जनता का भरपूर समर्थन भी मिल रहा है। जहां जहां भी यह निर्दलीय प्रत्याशी मत एवं समर्थन के लिए पहुंच रहे हैं वहां- वहां जनता जनार्दन द्वारा इन्हे सिर आंखों पर बिठाया जा रहा है। कहने का तात्पर्य यह है, कि भाजपा व कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों की तरह ही इन निर्दलीय प्रत्याशियों के मान- सम्मान में भी ग्रामीण मतदाताओं द्वारा कोई  कोर- कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है,इन्हें भी आम मतदाताओं द्वारा जीत का भरोसा दिलाया जा रहा है। जिसके चलते किसकी हार होगी और किसकी जीत यह कह पाना या अंदाजा लगाना इन दिनों समझ से परे है। 


बात करें सवाई माधोपुर जिला परिषद के वार्ड नंबर- 9 की तो, यहां भी निर्दलीय प्रत्याशी रामअवतार मीणा (पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं ग्राम पंचायत मलारना चौड़ सरपंच पति) वार्ड नंबर 9 में कांग्रेस पार्टी की महिला प्रत्याशी श्रीमती कैलाशी देवी मीना और भाजपा प्रत्याशी मुनिराज मीना की जीत की राह में रोड़ा बने हुए हैं। नाम वापसी व टिकट वितरण के बाद चुनावी प्रचार की शुरुआत में भाजपा तथा कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों से कमजोर व कमतर माने जा रहे ,यह निर्दलीय प्रत्याशी जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है वैसे वैसे मुकाबले को और रोचक बनाने में लगे हुए हैं। 

व्यक्तिगत जानकारी, एवं राजनीतिक क्षेत्र में विशेष पकड़ के चलते कांग्रेस पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बावजूद भी निर्दलीय प्रत्याशी मीणा भाजपा व कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के चुनावी समीकरण को बिगाड़ने में लगे हुए हैं। निर्दलीय प्रत्याशी का  चुनाव चिन्ह चारपाई है, जो कि ग्रामीण मतदाताओं के लिए एक साधारण सिंबल है। अपने जीत सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को मलारना चौड़ निवासी निर्दलीय उम्मीदवार रामावतार मीणा ने अकेले अपने दम पर खूब पसीना बहाया जनसंपर्क व मत एवं समर्थन के लिए मीना ने गालद (कला व खुर्द), लाड़ौता, सुंदरपुर, शेषा, फलसावटा, निमोद,करेल,जस्टाना,अनियाला, डिडवाड़ा, तारनपुर आदि एक दर्जन गाँवों का दौरा कर आम मतदाताओं से मत एवं समर्थन मांगा। इस दौरान मीणा को कई जगह पर भारी जनसमर्थन भी मिला। गौरतलब है, कि वार्ड नंबर 9 में कुल 7 ग्राम पंचायतें शामिल हैं, लेकिन यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने ग्राम पंचायत मुख्यालय मलारना चौड़ निवासी लोगों को ही अपना प्रत्याशी बनाया है, तो निर्दलीय के रूप में भी मलारना चौड़ निवासी प्रत्याशी ने ही वार्ड नंबर 9 से चुनावी मैदान में ताल ठोक रखी है। अब ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चल पाएगा। किसकी हार होगी या किसकी जीत, यह भी चुनाव परिणाम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी। लेकिन यह बात कहने में बिल्कुल संकोच नहीं है, कि वार्ड नंबर 9 से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के प्रत्याशियों को निर्दलीय प्रत्याशी द्वारा इन दिनों कड़ी टक्कर दी जा रही है। वैसे तो कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती कैलाशी देवी मीणा एवं भाजपा प्रत्याशी मुनिराज मीणा ने भी चुनाव प्रचार में जान झोंक रखी है।और दोनों ही अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन यहां चुनाव मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी के डटे रहने से मुकाबला और रोचक होने के आसार बनते हुए नजर आ रहे हैं।  मुकाबला त्रिकोणीय होने से सब अपनी-अपनी जीत के दावे करने में लगे हुए हैं। मलारना चौड़ निवासी कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती कैलाशी देवी मीणा सरपंच पद प्रत्याशी के रूप में पिछले 2 चुनावों में अपना भाग्य आजमा चुकी है, लेकिन सरपंच पद के चुनाव में उन्हे असफलता हाथ लगी है, उन्हें आम मतदाताओं (मलारना चौड़ कस्बा सहित अन्य ग्राम पंचायतों) की ओर से दया भाव (सिम्पेथी) के चलते जीत का पूरा भरोसा है, क्योंकि महिला प्रत्याशी के कर्मचारी पति की आम जनता में पेठ व  पारिवारिक राजनैतिक पृष्ठभूमि दमदार है , वहीं दूसरी ओर भाजपा के मुनिराज मीणा पहली मर्तबा चुनाव मैदान में उतर कर अपने बड़े भाई सामाजिक कार्यकर्ता व युवा नेता धर्मराज मीणा की आम जनता में व्याप्त प्रतिष्ठा (स्वच्छ व ईमानदार छवि तथा सामाजिक सरोकार की दिशा में सक्रिय भूमिका) के बल पर चुनावी वैतरणी पार करने की आस(जुगत) लगाए बैठे हैं। उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा है,क्योंकि इन दिनों राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आम जन में जो भारी गुस्सा दिखाई पड़ रहा है। यहां यह कहना बिल्कुल आसान नहीं है, कि कौन किससे आगे है और कौन सबसे मजबूत स्थिति में है। लेकिन वर्तमान हालात देखे जाए तो निर्दलीय प्रत्याशी भी दोनों ही पार्टी प्रत्याशियों के ऊपर भारी पड़ते हुए नजर आ रहे हैं। कहने का तात्पर्य यह कि वार्ड नंबर 9 में कांटे की टक्कर है।

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