माटी की महक न्यूज़ किशनगढ़ । सदी के महान तपस्वी तपस्या शिरोमणि अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी गुरूदेव के 52 वें अवतरण दिवस पर शनिवार को शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर जी स्थित बीस पंथी कोठी के आदि मंदिर जी मे भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ।कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम सिद्ध भक्ति पड़कर वर्षायोग की स्थापना की ततपश्चात केशलोचन किया।अंतर्मना गुरूदेव के अनन्य भक्त चन्द्र प्रकाश बैद ने जानकारी देते हुए बताया कि सदी के महान तपस्वी दिगम्बर सन्त अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज की सिंह निस्क्रीडित व्रत की उग्रतम साधना दिनांक 21 जुलाई से प्रारम्भ हो गयी इस कठिनतम साधना के दौरान पूज्य गुरूदेव 557 दिन मौन रहेंगे जिसमे 496 उपवास करेंगे। बैद ने बताया भगवान महावीर के पश्चात सिंह निस्क्रीडित व्रत की मौन पूर्वक साधना करने वाले अंतर्मना गुरूदेव एकमात्र सन्त है। इन 557 दिन की सम्पूर्ण अवधि में गुरूदेव पूर्ण मौन रहकर सिर्फ साधना तपस्या करेंगे एवं इस दौरान किसी से भी नही मिलेंगे।आज पूज्य गुरुदेव का 52 वा अवतरण दिवस एवं चातुर्मास स्थापना का कार्यक्रम था जिसमे देश के हजारों गुरुभक्तों ने गुरु दर्शन का लाभ लिया गुरूदेव की पूजन का सौभाग्य चन्द्रप्रकाश बैद परिवार को मिला। गुरु पूजन में स्थापना,जल,चंदन, अक्षत,पुष्प,नैवेद्य,दीप,धुप,फल एवं महाअर्घ्य चढ़ाने का सम्पूर्ण सौभाग्य बैद परिवार को मिला गुरु पूजन में बैद के साथ अशोक पाटनी बडायली, विवेक गंगवाल,आलोक बाकलीवाल,धीरेन जैन,सुरेन्द्र जैन,सन्दीप बड़जात्या,शैलेश जैन गिरडीह, सम्यक बाकलीवाल,टीना जैन,राहुल जैन, विनीता जैन ने मधुर स्वर लहरियों में भक्ति करते हुए अर्घ्य समर्पित किये। गुरु पूजन के पूर्व चातुर्मास स्थापना के लिए गुरूदेव ने सिद्ध भक्ति की जिसमे चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ससंघ,बालाचार्य मोक्ष सागर जी महाराज,उपाध्याय विपरण सागर जी महाराज एवं चैतन्य मति माताजी,श्रुत मति माताजी के साथ अंतर्मना गुरूदेव संघ के समस्त महाराज माताजी उपस्थित थे। सौम्य मूर्ति पियुष सागर जी महाराज जी ने गुरूदेव की 557 दिन की साधना के बारे में बताते हुए सभी भक्तों से कहा की आप सभी गुरुजी के साधनाकाल तक महामंत्र णमोकार का प्रति महीने की 23 तारीख को सवा लाख जाप करें एवं प्रतिदिन गुरुनाम का सुमिरन करें एवं साधनाकाल तक गुस्सा नही करने का संकल्प ले।
इस बार चातुर्मास स्थापना में प्रथम बार कलश स्थापना नही हुई चातुर्मास की स्थापना सिद्ध भक्ति का पाठ पड़कर की गई।
आज स्थापना के बाद से अंतर्मना गुरूदेव 557 दिन तक मौन साधनारत रहेंगे।
गुरूदेव ने सभी गुरुभक्तों को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
