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 MAATI KI MAHAK NEWS
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माटी माटी की महक न्यूज़ किशनगढ़। आर्यिका विभाश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में सोमवार को जैन भवन में तत्वार्थ सूत्र ग्रन्थ का शिक्षण शिविर प्रारम्भ हुआ। शिविर का शुभारंभ श्रुत व आचार्य भक्ति पूर्वक मंगलाचरण से किया गया। आर्यिका विभाश्री माताजी ने धर्मोपदेश देते हुए कहा तत्वार्थ सूत्र भगवान महावीर की वाणी है। इस ग्रंथ में लिखा एक एक सूत्र रहस्यमयी है। इस ग्रंथ को पढ़ने से हमें सम्यक ज्ञान की प्राप्ति होती है। सम्यक ज्ञान को मध्य दीपक कहा गया है। जो हमारे सम्यक दर्शन को शुद्ध व सम्यक चारित्र को पूर्ण करता है। इस ग्रंथ के माध्यम से हम जैन धर्म के छोटे से लेकर बड़े सिद्धांतों को समझने को मिलता है। मन ही व्यक्ति के मोक्ष का कारण है। मन ही बंध का कारण है। सबसे पहले तत्व ज्ञान होता है। जो हमें गुरु मुख से प्राप्त होता है। उसको पढ़कर हम विचार करने पर तत्व चिंतन होता है। चिंतन तथा मंथन के बाद तत्व निर्णय होता है। तत्व निर्णय के बाद तत्व का श्रद्धान होता है। तत्व पर श्रद्धान हो जाने से असंख्यात  गुण श्रेणी कर्मों की निर्जरा बढ़ जाती है। जैसे ही तत्वों का श्रद्धान होता है, वैसे ही हमारे भावो, परिणामों व आचरण में परिवर्तन होने लगता है। जिससे हमारा जीवन सार्थक होता है। दोपहर में सामयिक, धर्म चर्चा व शाम को भक्तांबर पाठ के पश्चात महा आरती व आनंद यात्रा का आयोजन किया गया।

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