माटी की महक किशनगढ । श्री आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान में अष्टान्हिका पर्व के तहत सिटी रोड स्थित श्री आदिनाथ मंदिर चल रहे आठ दिवसीय श्री अर्हच्चक्र विधान पूजन के दूसरे दिन प्रातः जिनेंद्र देव का जलाभिषेक व शांतिधारा की गई। मूलनायक भगवान आदिनाथ की शांतिधारा करने का सौभाग्य आर.के. परिवार एवं सौधर्म इंद्र धर्मचंद, पंकज, राजेश पहाडिया तथा अन्य वेदीयो पर दीपक रारां, ताराचंद, प्रकाश चंद गगंवाल, महावीर प्रसाद, सुभाष चंद गगंवाल, दिलीप कुमार, निरंजन बैद, प्रेम चंद, प्रकाश चंद गगंवाल, गणेश मल, लोकेश झांझरी, पवनकुमार, संजय बाकलीवाल द्वारा की गई। वही विधान मे कुबेर कैलाश चंद पहाडिया बने। विधान करने वाले श्रावक श्राविकाओं ने 8 दिन के संयम नियम धारण किए। पं बाहुबली शास्त्री ने विनय पाठ, नवदेवता, पंचमेरु, चौबीस तीर्थंकर, आदिनाथ भगवान व ननदीशवर दीप की पूजा के बाद श्री अर्हच्चक्र विधान पूजन किया गया। मंडल पर अरिहंत भगवान के 46 मूलगुण व 18 दोषो से रहित के 18 कुल 64 एवं चौबीस समवशरण के 96 सहित 160 अर्घ्य समर्पित किये। कमल सेठी, उषा गोधा ने मधुर संगीत पर पूजन कराते हुए माहौल भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम मे आरके परिवार के कवंर लाल पाटनी, अशोक पाटनी, प्रकाश चंद गगंवाल, कैलाश चंद पहाडिया, रतन दगडा, राकेश काला, विजय काला, सुमेर चंद अजमेरा, पवन काला, नरेश दगडा, सुभाष गगंवाल, निर्मल कुमार छाबड़ा, इंदर चंद पाटनी, संजय झांझरी, विनय गगंवाल, निर्मल दगडा, विनय छाबड़ा, शांता पाटनी, सुनिता काला, सुनिता गगंवाल, रीना दगडा, सरिता पहाडिया, गुणमाला छाबडा, नवरत्न दगडा, नीतू गगंवाल, शशिप्रभा बज, पूनम दगडा, पुष्पा काला सहित अनेक श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे। शाम को महाआरती व भक्तामर पाठ किया गया ।
