'1 के 90' के मकड़जाल में युवा, पुलिस टारगेट तक सीमित
दशकों से चल रहा सट्टा कारोबार
बाड़ी कस्बे एक के नब्बे का खेल' (सट्टा बाजार) लोगों को बड़ी संख्या में अपनी गिरफ्त में ले रहा है। जल्दी अमीर बनने की चाह में लोग अपनी मेहनत की कमाई को सटोरियों की भेंट चढ़ा रहे हैं। क्षेत्र में करीब लंबे समय से यह कारोबार खूब फल-फूल रहा है, लेकिन पुलिस भी अपना टारगेट कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रही है। ऐसे में किस्मत के नाम पर खेला जा रहा यह खेल युवा पीढ़ी को बर्बादी की डगर पर ले जाता दिखाई दे रहा है।
