अभी तक भी प्रशासन ने नहीं ली पीड़ितों की कोई खोज- खबर, ग्रामीणों में पनपी नाराजगी
सवाई माधोपुर/ खंडार ( चंद्रशेखर शर्मा) खंडार उपखंड मुख्यालय क्षेत्र के बागोरा गांव में विगत दिवस शुक्रवार को अचानक हुए मौसम परिवर्तन के बाद धूल भरी आंधी के साथ आए तूफान ने गांव में खूब कहर ढाया। स्थानीय निवासी राजू माली (वार्ड पंच) ने बताया आंधी- तूफान की वजह से ग्रामीणों को बड़ा भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अचानक मौसम परिवर्तन के बाद आए आंधी तूफान के कारण कई जगहों पर विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर आ गिरे तो कई विद्युत ट्रांसफॉर्मरों को भी नुकसान पहुंचा है। कुछ पल के तूफान ने गांव में तबाही का ऐसा मंजर पैदा किया कि गरीब लोगों के आशियाने तक उजड़ गए, छप्पर पोश मकानों के टीन टप्पर तक उड़ गए, कच्ची दीवारों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। कई पेड़ पौधे भी हवा के वेग से टूट कर जमीनों दोज हो गए।कल शाम 5 बजे से ही गांव में अभी तक विद्युत आपूर्ति ठप्प है। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि यहां कार्यरत लाइनमैन की सेवाएं सुचारू एवं नियमित नहीं है। तूफान के द्वारा क्षतिग्रस्त हुए विद्युत पोल एवं विद्युत लाइन में पहले से ही कुछ गड़बड़ थी, जिसकी सूचना लाइनमैन को दी गई थी। लेकिन यह कह कर टाल दिया कि सरकारी काम सरकारी नियमों के अनुसार ही होते हैं। वार्ड पंच राजू माली ने बताया गांव में लाइनमैन द्वारा फर्जी कनेक्शनों का जाल बिछाया हुआ है।
लोगों का आरोप है कि,आंधी तूफान के बाद न तो प्रशासन ने उनकी सुध ली ना ही किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी कुशलक्षेम पूछी। जबकि गांव का नजारा यह है, कि यहां कई बड़े वृक्ष मुख्य मार्गों पर टूटकर नीचे गिर गए हैं। जिससे मुख्य मार्ग पर से आवागमन पूरी तरह से बाधित हो चला है। ग्राम में कई जगह पर बड़े पेड़ कच्चे आवासों पर गिर जाने से कच्चे घर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई गरीब परिवारों के टिन टप्पर हवा में 1 किलो मीटर दूर तक उड़ गए। खाने पीने की चीजों से लेकर, कपड़े बिस्तर, अनाज एवं अन्य कई कैंप वस्तुओं को नुकसान पहुंचा है। कुल मिलाकर स्थानीय ग्रामीणों को तूफान एवं आंधी के कारण बड़े नुकसान का खामियाजा भुगतना पड़ा है। यह गांव का दुर्भाग्य ही है कि विगत 13 मई 2021 को भी बागोरा ग्राम में तेज आंधी एवं तूफान के साथ आई तेज बारिश के कारण हालात बद से बदतर हो गए थे । उस समय में भी गांव में काफी स्थिति पर प्रकृति प्रकोप के कारण तबाही मची थी। उस समय भी ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से लेकर उपखंड मुख्यालय प्रशासन तक को अवगत करवाया गया था। बागोरा ग्रामवासी मुकेश लच्छू, दीनदयाल राजू माली, धनपाल सियाराम, रघुवीर माली, गंगाराम, भेरु माली, लच्छू, दीनदयाल महावीर माली, धनपाल, सियाराम, रघुवीर माली, बिद्दू माली गंगाराम, भेरु माली, आदि ने बताया कि 13 मई 2021 को आऐ प्रकृति का प्रकोप से हम लोगों ने स्थानीय प्रशासन एवं उपखंड मुख्यालय प्रशासन को इस विषय की जानकारी दी थी। जानकारी मिलने के पश्चात भी आज तक भी कोई भी पदाधिकारी हमारे ग्राम में मौके पर आकर हम ग्राम वासियों की खोज खबर तक भी नहीं ली है। इसीलिए बागोरा ग्राम की पीड़ित ग्रामवासी दोहरी मार के साथ में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पहले तो प्रकृति प्रकोप की मार दूसरी पीड़ितों की कहीं पर भी सुनवाई नहीं इसीलिए पीड़ितों ने नुकसान का मौका माइनर कार्रवाई के लिए एवं हुए नुकसान के मुआवजे के लिए राजस्थान सरकार से गुहार लगाई है।

