किशनगढ़। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्वावधान में समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को हाउसिंग बोर्ड स्थित ब्लॉक संदर्भ पक्ष पर पुनर्वास विशेषज्ञों द्वारा विशेष आवश्यकता वाले बालक बालिकाओं ( दिव्यांग बच्चों) को थैरेपिक सेवाएं प्रदान की गई। जिसके चलते अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक ,समग्र शिक्षा अभियान अजमेर कार्यालय से आए पुनर्वास विशेषज्ञ डॉ .कृष्ण कुमार(फिजियोथैरेपिस्ट) एवं डॉ सुनील कुमार(स्पीचथैरेपिस्ट) द्वारा दो दर्जन से भी अधिक (लगभग 30) दिव्यांग बच्चों को अभिभावकों की उपस्थिति में गतिविधियां आधारित सम्बलन एवं अभिभावकों को मोटिवेशन प्रदान किया गया। संदर्भ व्यक्ति (सीडब्ल्यूएसएन) अमित कुमार शर्मा ने बताया कि इस दौरान संदर्भ कक्ष नियत्रण अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा (प्रधानाचार्य परासिया) द्वारा शिविर का अवलोकन किया गया। शिविर में लगभग डेढ़ दर्जन अभिभावकों सहित विशेष शिक्षक भी उपस्थित रहे। संदर्भ व्यक्ति (सीडब्ल्यूएसएन) चंद्रशेखर शर्मा ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि संदर्भ कक्ष (Resource Room) पर थेरेपेटिक सेवाएँ, विशेषकर समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) को दी जाती हैं, जहाँ पुनर्वास विशेषज्ञ (जैसे फीजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, मनोवैज्ञानिक) आकर बच्चों के लिए व्यक्तिगत शिक्षा योजना (IEP) के अनुसार थेरेपी, मूल्यांकन और संबलन (support) प्रदान करते हैं, ताकि उन्हें शांत रहने, सीखने और स्कूल का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिले।
संदर्भ कक्ष और थेरेपेटिक सेवाओं का उद्देश्य:
शैक्षिक संबलन: सामान्य विद्यालयों में पढ़ने वाले विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता देना।
थेरेपी और मूल्यांकन: ब्लॉक स्तर पर विशेष पुनर्वास विशेषज्ञों (Physiotherapist, Speech Therapist, Clinical Psychologist) द्वारा बच्चों का आकलन और व्यक्तिगत थेरेपी (जैसे संवेदी एकीकरण, मोटर कौशल) प्रदान करना।
शांत और सुरक्षित वातावरण: बच्चों को आराम करने, खुद को नियंत्रित करने और शांत रहने के लिए एक सुरक्षित, संवेदी-अनुकूल जगह (Sensory Room) उपलब्ध कराना।
कौशल विकास: बच्चों में सामाजिक-भावनात्मक, आत्म-नियंत्रण और सहयोग जैसे कौशल विकसित करना।
थेरेपेटिक सेवाओं में शामिल गतिविधियाँ (उदाहरण):
फिजियोथेरेपी: संतुलन और सकल मोटर कौशल (Gross Motor Skills) के लिए व्यायाम, जैसे ट्रैम्पोलिन और बैलेंस बीम का उपयोग।
स्पीच थेरेपी: संचार और भाषा संबंधी समस्याओं का समाधान।
क्लीनिकल साइकोलॉजी: मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार संबंधी मुद्दों पर काम करना, आत्म-प्रबंधन कौशल सिखाना।
असेसमेंट कैम्प: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बड़े स्तर पर मूल्यांकन शिविर लगाना।
संक्षेप में, संदर्भ कक्ष विशेष बच्चों के लिए एक ऐसा केंद्र है जहाँ उनकी ज़रूरतों के अनुसार विशिष्ट थेरेपी और सहायता मिलती है, जिससे वे स्कूल में बेहतर प्रदर्शन कर सकें और स्वतंत्र जीवन जी सकें।

