माटी की महक न्यूज़ किशनगढ़ :@भेरूसिंह चौहान । शीतला माता की पूजा के लिए उमड़ी भीड़, सुबह तीन बजे से ही शीतला माता मंदिर पहुँचने लगे श्रद्धालु
रात्री के हुई भव्य भजन संध्या मनमोहन भजनों पर झूमे भक्तजन
एंकर - किशनगढ़ अजमेर में सोमवार को शीतला माता की पूजा बड़े ही धूम-धाम से की जा रही है | ये होली के कुछ दिन बाद बासौदा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन शीतला माता की पूजा की जाती है। शीतला माता की पूजा चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को होती है। लेकिन कुछ स्थानों पर इनकी पूजा होली के बाद आने वाले पहले सोमवार अथवा गुरुवार के दिन भी की जाती है। किशनगढ में देव डूँगरी स्थित शीतला माता के मंदिर में विशाल भजन संध्या हुईं जहाँ गयक कलाकारों ने विभिन्न भजनों की प्रस्तुतियां दी । भजनों में श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद लिया । इसके साथ ही महिलाओ ने शीतला माता की पूजा कर माता के गीत भी गाये । शीतला माता हर तरह के पापों का नाश करती हैं और अपने भक्तों के तन-मन को शीतल करती हैं। इस पर्व को बूढ़ा बसौड़ा, बसौड़ा, बासौड़ा, लसौड़ा या बसियौरा भी कहा जाता है। शीतला माता की पूजा के दिन घर में चूल्हा नहीं जलता है। आज भी लाखों लोग इस नियम का बड़ी आस्था के साथ पालन करते हैं। शीतला माता की उपासना वसंत एवं ग्रीष्म ऋतु में होती है। चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ और आषाढ के कृष्ण पक्ष की अष्टमी शीतला देवी की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होती है। इसलिए यह दिन शीतलाष्टमी के नाम से विख्यात है। आज देवडुंगरी में शीतला माता के मंदिर में भीड़ से बचने के लिए सुबह 3 बजे से ही महिलाओं ने आकर पूजा शुरू कर दी है और मंदिर में सुबह तक हजारों की संख्या में शीतला माता के मंदिर में पूजा के लिए महिलाए पहुंची है |

