थीम को लेकर वर्डबुक रिकार्ड के प्रतिनिधि ने सर्टिफिकेट भेंट कर कलेक्टर कमर चौधरी को किया सम्मानित
दौसा(चन्द्रशेखर शर्मा)। दौसा जिला कलक्टर कमर चौधरी की "गुड टच, बैड टच" की पहल को वर्डबुक ऑफ रिकार्ड में जगह मिली है। कलेक्टर की पहल पर जिले में संचालित मिशन आर्या के तहत समझ स्पर्शरी कैंपेिंनग में गुड टच, बैड टच, की समझ विकसित करने के लिए माता-पिता, दादा-दादी और परिजन जब बच्चों को प्यार से छूते हैं, या स्कूल टीचर जब शाबाशी देते हैं, या फिर परिजन की मौजूदगी में जब डाक्टर बच्चों का चेकअप करने के दौरान छूता है तो वह गुड टच है। जबकि कोई अपरिचित या परिचित शरीर के प्राइवेट पार्ट्स को छूता है वह बैड टच होता है। यह बात बच्चों को अच्छी तरह से समझ आती है। कहने का तात्पर्य यह है, कि बच्चे भली-भांति "गुड टच, बैड टच" के बारे में परिचित हैं। आपको बता दें कि जिला कलेक्टर कमर चौधरी के नेतृत्व में राज्य के दौसा जिले के सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के बच्चों में चेतना जागृत करने के लिए गुड टच बैड टच की जानकारी दी जा रही हैं। शनिवार को भी एक साथ जिले की 2600 सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 3.50 लाख छात्र छात्राओं को गुड टच और बैड टच का प्रशिक्षण देकर लाभान्वित किया गया। जिला कलेक्टर की इस पहल को वर्डबुक आफ रिकार्ड में भी दर्ज किया गया वहीं इस थीम को लेकर वर्डबुक रिकार्ड की टीम द्वारा शनिवार को जिले में सत्यापन कर जिला कलक्टर को सर्टिफिकेट भी भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस कार्य की सफलता के लिये जिला कलक्टर कमर चौधरी ने जिले की टीम को बधाई देते हुये सभी को धन्यवाद दिया। अभियान सफल हो इसको लेकर जिले के सभी अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई। स्वंय जिला कलेक्टर ने भी एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों में भ्रमण कर बालक-बालिकाओं से बात की तथा उनमें आत्मविश्वास पैदा किया। जिससे बच्चे निडर और निर्भीक होकर ऎसी घटनाओं का विरोध कर सकें। कलेक्टर के इस अभियान की एक तरफ जहां बालक-बालिकाएं तारीफ कर रहे हैं तो वहीं अभिभावक भी कलेक्टर के इस अभियान की सराहना कर रहे हैं। जिले के सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूल के शिक्षक भी इसे अच्छा बता रहे हैं।
बाल अधिकारों की भी जानकारी दी जिले में संचालित गुड टच व बैड टच के प्रशिक्षण में बच्चों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई वहीं बालिकाओं को माहवारी को लेकर भी जागरूक किया। अभियान के तहत बच्चों को बताया गया कि कौन सा टच अच्छा होता है और कौन सा टच बुरा होता है। जिससे उन्हें इस बात का पता रहे कि जो उनको छू रहा है उसका मकसद क्या है। बच्चों को यौन शोषण का शिकार बनाने वाला घर में, घर के बाहर या कोई स्कूल में भी हो सकता है। ऎसे में बच्चों को बैड टच करने वाले का विरोध करने के साथ ही अपने परिजनों को उसके बारे में जानकारी देने की बात भी बताई जा रही है, जिससे समय रहते कार्रवाही की जा सके।
वर्ड बुक आफ रिकार्ड की टीम ने जिले के विभिन्न विद्यालयों में किया भ्रमण
जिला कलेक्टर कमर चौधरी के इस अभियान की जानकारी जब वर्डबुक आफ रिकार्ड को मिली तो इसके सत्यापन के लिये टीम दौसा पहुंची तथा अभियान की सत्यता की जांचने के लिए जिले के सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में पहुंच कर परीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने अलग-अलग स्कूलों में जाकर रेंडम जानकारी ली। जिला कलेक्टर के नेतृत्व में संचालित गुड टच व बैड टच अभियान सफल पाया गया। इस पर वर्ड बुक आफ रिकार्ड की टीम को रैंडम जानकारी में अभियान सही पाया गया तो कलेक्टर का गुड़ टच-बेड टच अभियान वर्ड बुक आफ रिकार्ड में भी दर्ज कर जिला कलक्टर को प्रमाण पत्र भेट कर सम्मानित किया गया।
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