Logo

 MAATI KI MAHAK NEWS
देश की माटी से जुड़ी हर खबर सोशल नेटवर्किंग साइट्स ओर डिजिटल मीडिया के माध्यम से आप तक

प्रतिभा तराशने का सशक्त माध्यम है संपर्क साहित्यिक संस्थान 

जयपुर । सामाजिक सरोकारों में अग्रणी सम्पर्क संस्थान की साहित्यिक यात्रा के सफलता के चार साल पूर्ण होने व पांचवे वर्ष में प्रवेश पर ज़ूम बेविनार का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार प्रबोध गोविल के मुख्य आतिथ्य तथा हिंदी प्रचार प्रचार संस्थान के अध्यक्ष डॉ.अखिल शुक्ला की अध्यक्षता में हर्षोल्लास से मनाया गया। सस्थान अध्यक्ष अनिल लढ़ा ने संपर्क संस्थान के 21 वर्ष पूर्ण होने व  साहित्य संस्थान के सफलता पूर्वक पांचवे वर्ष में प्रवेश पर गर्व महसूस करते हुए खुशी जताई कि आज संस्थान देश विदेश में अपनी विशिष्ठ पहचान बना कर अपना परचम फहरा रहा है । उन्होंने समन्वयक रेनू शब्दमुखर व उनकी टीम की भूरी भूरी प्रशंशा करते हुए कहा कि जुनून जोश जज्बे और निष्ठा के कारण  ही आज संपर्क साहित्य संस्थान देशभर में अपने साहित्यिक कार्यों से पहचान बनाने में सफल हुआ है।प्रदेश समन्वयक रेनू शब्दमुखर ने अपने वक्तव्य में  संपर्क संस्थान को तहे दिल से धन्यवाद दिया और कहा कि वे आजीवन संपर्क संस्थान में निष्ठा के साथ अपने सामाजिक और साहित्यिक कार्य को अंजाम देंगी। इस ज़ूम मीटिंग में ख्यातनाम साहित्यकारों ने संपर्क   की कार्यशैली को अदभुत बताते हुए प्रतिस्पर्धा के इस युग मे नवोदित प्रतिभागियों को शानदार मंच देने को बहुत बड़ी बात बताया। कार्यक्रम में 35 रचनाकारों ने सम्पर्क संस्थान की यात्रा को लेकर कविता के माध्यम से काव्य पाठ किया।   संस्थान की अनेक लेखिकाओं ने  संपर्क ने उनके लेखन को पंख दिए व जिस तरह उनके रचनात्मक लेखन को गति दी,उसका उल्लेख शानदार शब्दों में किया।मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफे. प्रबोध गोविल ने कहा कि संपर्क साहित्य टीम ने साहित्य के क्षेत्र में जो कम टाइम में आज एक मुकाम हासिल किया है उसका कोई सानी नही है । उन्होंने वर्तमान परिपेक्ष्य में आधुनिक तकनीक में साहित्य को नई दिशा देने पर खुशी जाहिर करते हुए प्रतिभावों को आगे लाने के प्रयासों को काबिलेतारीफ बताया।  हिंदी प्रचार प्रसार संस्थान के अध्यक्ष डॉ अखिल शुक्ला ने संपर्क साहित्यिक संस्थान को पाँचवे वर्ष में शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संपर्क संस्थान एक परिवार है जहाँ कलम के धनी साहित्य सर्जक देश भर में अपना वर्चस्व स्थापित कर रहे है।संस्थान द्वारा साहित्यिक परिवारिक वातावरण में एक दूसरे की मेधा को प्रखर और लेखनी को सशक्त बना समाज के सामने लाने का सफल प्रयास किया जा रहा है। देहरादून से सवी शर्मा,पुणे से आशा शर्मा, होशियारपुर से डॉ.प्रिया सूफी,अहमदाबाद से शशि मूंदड़ा, हैदराबाद से डॉ स्वाति गुप्ता,जोधपुर से डॉ. सूरज माहेश्वरी,अजमेर से दीपा गोयल,कोटा से एकता शुक्ला, सवाई माधोपुर से डॉ आरती भदोरिया, जयपुर से डॉ.अमला बत्रा,डॉ. सुषमा शर्मा संगीता गुप्ता,डॉ. रेखा गुप्ता, सलोनी क्षितिज रस्तोगी, अर्चना राठौर शिल्पी पचौरी, जीनस  कँवर,डॉ. नीलम कालरा,नेहा पारीक,ज्ञानवती सक्सेना,शशि सक्सेना,डॉ.अंजू सक्सेना,शिखा शर्मा,ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।  इनसे पूर्व डॉ आरती भदौरिया ने सरस्वती वंदना की । कार्यक्रम का सफल मंच संचालन करते हुए  विजयलक्ष्मी जांगिड़ ने  सम्पर्क के सामाजिक, साहित्यिक व सेवा कार्यो की जानकारी दी ।डॉ. रेखा गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।

 

Previous Post Next Post