सवाई माधोपुर/बौंली(चंद्रशेखर शर्मा) सवाई माधोपुर जिले की बौंली पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत हथडोली एक बार फिर विवादोंं के चलते क्षेत्र की जनता के बीच चर्चा का केंद्र बिंदु बनी हुई है। नया प्रकरण यह है कि, यहां पर कार्यरत संविदा कार्मिक रोजगार सहायक को अपने कार्य में लापरवाही बरतने एवं लगातार अनियमितता करने के आरोप में हथडोली ग्राम पंचायत मुख्यालय से हटाकर बौंली पंचायत समिति मुख्यालय पर ड्यूटी देने के लिए पंचायत समिति प्रशासन द्वारा पाबंद किया गया है। स्थानीय ग्राम पंचायत के उपसरपंच पति रूपसिंह गुर्जर के द्वारा मैडबंदी की फाईलों और मस्टरोल चलाने के लिए पैसै लेने(रिश्वत मांगने) की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने पर गाली गलौच करने और हाथ पैर तोड़कर जान से मारने जैैैसी धमकी देने का एक ओडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर ग्राम पंचायत हथडोली में कार्यरत संविदा कर्मी रोजगार सहायक ज्ञानचंद गुर्जर को पंचायत समिति बौंली विकास अधिकारी महेश मीना द्वारा एक आदेश जारी कर हथडोली है हटाकर तुरन्त प्रभाव से पंचायत समिति मुख्यालय बौंली पर सेवायें देने के लिए निर्देशित किया गया है। ज्ञानचंद गुर्जर के खिलाफ लगातार शिकायत आती रही है, लेकिन अपने आपको रोजगार सहायक संघ का पदाधिकारी बताकर अधिकारियों पर दबाव बनाकर हर बार कार्यवाही से बच निकलने में माहिर रोजगार सहायक का अब भंडाफोड़ होता हुआ दिखाई दे रहा है। क्षेत्र की जनता का सीधा-सीधा आरोप है, की जबसे यह कर्मचारी ग्राम पंचायत हथडोली में पदस्थापित हुआ था तब से ही इस ज्ञानचंद गुर्जर के खिलाफ नरेगा , प्रधानमंत्री आवास,आवास पट्टे सहित चरागाह भूमि में अवैध रूप से चल रहे बजरी खनन माफियाओं से साठ-गांठ के अलावा अन्य कई आरोप लगातार लगते रहै है। इसका मतलब दाल में कुछ काला जरूर है। मामला यहीं समाप्त होता हुआ दिखाई नहीं देता, गंभीर मुद्दा तो यह है कि ग्राम पंचायत वासियों को रोजगार सहायक (संविदा कार्मिक ना कि राज्यय कर्मचारी) के बजाय अपने आपको ग्राम विकास अधिकारी ( सेकेट्री) बताकर भोली-भाली जनता केेेेेे बीच भय पैदा करने की कोशिश की गई है। ग्राम वासियों से खुुुलेआम लूट-खसोट करने के आरोप भी इस कर्मचारी पर कुछ पीड़ितों के साथ स्वयं उप सरपंच पति द्वारा लगाए गए हैं। उसका ऑडियो वायरल इन दिनों आमजन के बीच खासी चर्चा का विषय बना हुआ है। पंचायत प्रशासन या कुछ दलालों से मिलीभगत कर विभिन्नन कार्यों की एवज में गुर्जर द्वारा घूूस(रिश्वत) लेने जैैैस संगीन मामले की शिकायत के भी पुख्ता प्रमाााण मिले हैं। इसके बावजूद भी बौंली पंचायत समिति प्रशासन द्वारा अब तक रोजगार सहायक के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्यवाही नहीं किया जाना भी पंचायत समिति कार्यालय में कार्यरत कुछ कार्मिकों पर संदेह पैदा करने जेेेसी स्थिति उत्पन्न करता है। क्योंकि कहीं बार पीड़ित व्यक्तियों द्वारा यहां मौखिक व लिखित में समय-समय पर शिकायतें की गई, लेकिन उनकी किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई।नाहीं उनकी समस्या का कोई ठोस निराकरण हुआ। यह तो मामलाा ही उप सरपंच पति ने उजागर किया है, नहीं तो आम आदमी की तो बिसात ही क्या है? अब तो यह धीरे-धीरे परत खुलने के बाद आगे चलकर ही पता चल पाएगा कि यहां दाल में कुछ काला है या पूरी दाल ही काली है। लेकिन अब यह प्रशासन को भीी मानना पड़ेगा कि पानी सिर से गुजर चुका है।



