अजमेर /रामसर@रिपार्ट रिंकू खान । जनवरी 2004 के बाद राज्य और केन्द्र सरकार में नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के स्थान पर नई पेंशन योजना दी गई है इस योजना में शामिल कर्मचारियों का इनके ही वेतन से 10 प्रतिशत अंशदान काटा जा रहा है उक्त अंशदान से कटने वाली राशि को शेयर बाजार में निवेश किया जा रहा है जो कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड है इस योजना से बुढ़ापे में मिलने वाली पेंशन नाम मात्र की मिल रही हैं जिससे सेवानिवृति के बाद परिवार का जीवन यापन करना काफी मुश्किल है इस योजना को बन्द करवाने के लिए संघ द्वारा पूर्व में भी ज्ञापन देकर, धरना प्रदर्शन करके, पोस्टकार्ड अभियान चलाकर पुरानी पेंशन बहाली के प्रयास कर चुका है लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है इस योजना को बन्द करवाने के लिए वर्तमान में संघ द्वारा काली पटी बांधकर एनपीएस योजना का विरोध किया जा रहा है वहीं सोशल मीडिया पर मास्क लगाकर ठढर भगाओ, डढ़र लाओ अभियान चलाया जा रहा है जिसमें पुरानी पेंशन योजना वापस बहाल करने का संदेश दिया जा रहा है इस योजना में नसीराबाद उपशाखा द्वारा भी पर्यास किया जा रहा है जिसमें नसीराबाद उपशाखा के अध्यक्ष चेतन प्रकाश वेष्णव , जिला उपाध्यक्ष हगामीलाल मेघवंशी, मंत्री देवी लाल चौधरी, मिश्री लाल माली, गोविन्द जांगिड़, लालाराम चौधरी, अब्दुल गनी, मुस्ताक अहमद,रामप्रसाद खींची, बालमुकुंद शर्मा, रवि चौधरी, दामोदर प्रसाद छिपा, योगेश्वर पारीक, रमेश चन्द तेली, रमेश चंद मीणा, सतेंद्र सिंह सोलंकी, सुभाष चन्द्र जोशी,सहित संघ के सभी सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से नई पेंशन योजना का विरोध कर रहे है ये मुहिम पूरे राज्य में चलाई जा रही है सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी इस मुहिम में शामिल होकर अपना योगदान दें रहे है
